नवरात्रि के प्रथम दिन ध्वजारोहण के साथ नौ दिवसीय मेले का आगाज, पर्यटन, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर दिया जोर
नरेंद्रनगर, टिहरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नरेंद्रनगर में सिद्धपीठ श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की स्वर्ण जयंती का ध्वजारोहण कर शुभारंभ किया। 50वें वर्ष में प्रवेश कर रहा यह राज्यस्तरीय मेला उत्तराखंड की लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक झांकियों का अवलोकन किया और विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने शहीद स्थल पर अमर शहीदों की प्रतिमाओं तथा स्वतंत्रता संग्राम शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने मां कुंजापुरी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना भी की। नवरात्रि के प्रथम दिवस पर मेले के शुभारंभ को उन्होंने सुखद संयोग बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देता है कुंजापुरी मेला
सीएम धामी ने कहा कि श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने मेले के संस्थापक सुरेंद्र सिंह पांगती और आयोजन समिति के योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम तथा केदारनाथ-बदरीनाथ धाम में विकास कार्य इसके प्रमुख उदाहरण हैं। उत्तराखंड सरकार भी केदारखंड और मानसखंड के प्रमुख मंदिरों में सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
स्थानीय उत्पादों और स्वरोजगार से पलायन रोकने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन पर रोक लगाना और युवाओं को उनके ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ‘एक जनपद-दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसी पहलों से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की बिक्री छह करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, होमस्टे योजना, पर्यटन एवं फिल्म नीति और ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी पहलें स्थानीय स्तर पर रोजगार और


