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श्री मनीष ममगाईं ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के साथ उत्तराखंड का नाम रोशन किया

ममगाईं ने 16 वर्षों से अधिक समय तक इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक ट्रेड में मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करते हुए 700+ प्रशिक्षुओं और पेशेवरों को प्रशिक्षित किया है।

ममगाईं ने तकनीकी प्रशिक्षण में ऑन-जॉब ट्रेनिंग, औद्योगिक भ्रमण, परियोजना कार्य और ई-सामग्री विकास जैसी नवाचारपूर्ण पद्धतियाँ लागू की हैं।

राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI), देहरादून के प्रशिक्षण अधिकारी श्री मनीष ममगाईं को 5 सितंबर 2025 को भारत के राष्ट्रपति द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया जाएगा।

श्री ममगाईं पिछले 16 वर्षों से अधिक समय से इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक ट्रेड में मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अब तक दीर्घकालिक शिल्प प्रशिक्षक प्रशिक्षण योजना के तहत लगभग 700 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित किया है। इसके अतिरिक्त, वे इसरो, डीआरडीओ, उद्योगों, इंजीनियरिंग कॉलेजों एवं पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों हेतु इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में विभिन्न अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत पुनः कौशल विकास एवं कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहे हैं।

तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक सेवा देने वाले श्री ममगाईं ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली एवं राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (NITTTR), चंडीगढ़ में अपनी सेवाएँ दी हैं। साथ ही उन्होंने 7 वर्षों से अधिक उद्योग अनुभव भी अर्जित किया है।

श्री ममगाईं ने प्रशिक्षण पद्धति में नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया है, जिसमें ऑन-जॉब प्रशिक्षण, औद्योगिक भ्रमण, परियोजना कार्य एवं ई-सामग्री विकास जैसी विधियों का समावेश है। वे संसाधन विकास में भी सक्रिय रूप से संलग्न हैं, जिसमें पाठ्यक्रम निर्माण, प्रश्न बैंक तैयार करना तथा नवीनतम तकनीक के अनुरूप प्रयोगशाला विकास शामिल है।

यह सम्मान कौशल विकास एवं तकनीकी प्रशिक्षण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान तथा देश के भावी कार्यबल को दिशा देने में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।

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