देहरादून, 29 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने को लेकर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबे समय से लंबित घोषणाओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
4611 घोषणाओं में 2852 पूरी, 303 अभी भी लंबित
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक कुल 4611 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 2852 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं। वहीं 1759 घोषणाएं लंबित हैं। इनमें से 1397 घोषणाओं पर विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई चल रही है, जबकि 59 घोषणाएं आंशिक रूप से पूरी हो चुकी हैं। वर्तमान में 303 घोषणाएं ऐसी हैं, जिन पर अभी कार्रवाई लंबित है।
मुख्य सचिव ने बताया कि 11 अगस्त 2026 की समीक्षा के दौरान लंबित घोषणाओं की संख्या 627 थी, जो अब घटकर 303 रह गई है। उन्होंने अधिकारियों को शेष लंबित घोषणाओं पर भी तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
विलोपन और मर्ज की कार्रवाई में तेजी के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन घोषणाओं का विलोपन या मर्ज किया जाना है, उन पर समय रहते कार्रवाई पूरी की जाए। अन्य विभागों को हस्तांतरित की जाने वाली घोषणाओं के मामलों में भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने विभागों के बीच समन्वय की कमी को लंबित मामलों का कारण न बनने देने की बात कही। भूमि हस्तांतरण सहित अन्य प्रक्रियाओं के लिए विभागों को आपसी संवाद और समन्वय बनाए रखने तथा जहां संभव हो, कार्यों को समानांतर रूप से शुरू करने के निर्देश दिए।
अक्टूबर में फिर होगी समीक्षा
मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति को लगातार पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने सचिव और अपर सचिव स्तर के अधिकारियों को घोषणाओं की गंभीरता से मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। अगली समीक्षा बैठक अक्टूबर के मध्य में आयोजित की जाएगी।
यमुनोत्री ट्रैक रूट के सुधारीकरण की बनेगी कार्ययोजना
बैठक में मुख्य सचिव ने सम्पूर्ण यमुनोत्री ट्रैक रूट के सुधारीकरण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को अगले 15 दिनों में इस संबंध में विस्तृत प्रस्तुतिकरण देने को कहा गया है। इसके साथ ही ट्रैक रूट के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए गए।
ईको पार्क और हेरिटेज स्ट्रीट को लेकर भी निर्देश
मुख्य सचिव ने विभिन्न स्थानों पर प्रस्तावित ईको पार्क आदि की घोषणाओं को लेकर कहा कि परिसंपत्ति निर्माण के साथ ही उसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था पहले से निर्धारित होनी चाहिए।
पौड़ी शहर में मुख्य बाजार धारा रोड से एजेंसी चौक तक प्रस्तावित हेरिटेज स्ट्रीट के कार्य को आवास विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए। वहीं मल्टीस्टोरी पार्किंग से संबंधित आवास विभाग को भेजे गए प्रस्तावों पर भी शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया।
उन्होंने एक ही क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे अवस्थापना विकास और सौंदर्यीकरण के कार्यों को आपसी समन्वय के साथ एकीकृत रूप से करने पर जोर दिया।

कोल्ड स्टोरेज के लिए उपयुक्त भूमि पर जोर
फलों के भंडारण के लिए बनाए जाने वाले कोल्ड स्टोरेज को लेकर मुख्य सचिव ने भूमि की उपयुक्तता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त सरकारी भूमि पर निर्माण करने के बजाय आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त भूमि क्रय कर कोल्ड स्टोरेज विकसित किया जाए, जिससे उसका बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
इसके अलावा प्रदेश के सभी शहरों में ओपन स्पेस, सिटी पार्क और ईको पार्क जैसी सुविधाओं के विकास की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए गए। सरकारी भूमि उपलब्ध न होने की स्थिति में निजी भूमि क्रय कर ऐसी सुविधाएं विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा गया।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, धीराज सिंह गर्ब्याल सहित विभिन्न विभागों के सचिव, अपर सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
