देहरादून। यूकेडी नेता के कथित बयान को लेकर सिख समुदाय में नाराजगी बढ़ गई है। मामले में मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, पांवटा साहिब निवासी परमजीत सिंह बंगा ने पांवटा साहिब थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि यूकेडी नेता आशीष नेगी ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर ऐसे बयान दिए हैं, जिनसे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं गहरी आहत हुई हैं। शिकायत में आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से कहा कि “हम स्वर्ण मंदिर पर दोबारा भी हमला कर सकते हैं।”
तहरीर में कहा गया है कि श्री हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) सिख धर्म का सर्वोच्च और पवित्र धार्मिक स्थल है, जहां सभी धर्मों के लोग श्रद्धापूर्वक मत्था टेकते हैं। ऐसे बयान न केवल सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में भय, वैमनस्य और सांप्रदायिक तनाव का माहौल भी पैदा कर सकते हैं।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि सिख समुदाय को बिना किसी आधार के ‘खालिस्तानी’ कहकर संबोधित करना समाज में नफरत फैलाने और राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय देश की एकता, अखंडता और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। इसलिए आशीष नेगी के खिलाफ भारतीय कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी धर्म विशेष के खिलाफ इस तरह के भड़काऊ और आपत्तिजनक बयान देने का साहस न कर सके।
पुलिस का कहना है कि प्राप्त शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, सूत्रों के अनुसार इस मामले को लेकर सिख समुदाय में काफी रोष है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे की चर्चा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के स्तर पर भी हो रही है।
