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चमोली के तमक नाले में भयानक जलसैलाब, वैली ब्रिज बहा; BRO कर्मी लापता

ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर मची तबाही, वाहन भी तेज बहाव में बहे; नीती घाटी का सड़क संपर्क बाधित, CM धामी ने लिया तत्काल संज्ञान

चमोली। भारत-चीन सीमा से सटे चमोली जिले की नीती घाटी में मंगलवार शाम अतिवृष्टि के बाद तमक नाले में अचानक आए भीषण जलसैलाब ने भारी तबाही मचा दी। तेज पानी और मलबे के बहाव में ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर बना वैली ब्रिज बह गया। इस दौरान कई वाहन भी जलप्रवाह की चपेट में आए। एक BRO कर्मी के लापता होने की सूचना है।

जानकारी के अनुसार, घटना शाम करीब साढ़े पांच बजे की है। तमक नाले में अचानक पानी का प्रवाह बढ़ गया, जिससे 123 बीआरटीएफ सुराईथोटा की ओर से निर्मित वैली ब्रिज पूरी तरह बह गया। GREF के वाहनों के भी प्रभावित होने की सूचना है। लापता कर्मी की तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया है।

बताया जा रहा है कि तमक क्षेत्र में एक के बाद एक तीन बार अतिवृष्टि हुई, जिसके बाद नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव अपने साथ पुल, मलबा और वाहनों को बहा ले गया। भारी बारिश और अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान में कठिनाई आ रही है।

ब्रिज बहने से नीती घाटी की ओर आवाजाही बाधित हो गई है और सीमांत गांवों का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर सुराईथोटा से तमक और मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।

BRO कर्मी के लापता होने की सूचना

घटना के बाद BRO के नायक पंकज कुमार के लापता होने की सूचना सामने आई है। ज्योतिर्मठ के उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि BRO के मेजर से हुई बातचीत में एक कर्मचारी के लापता होने की जानकारी मिली है। आशंका है कि वह तेज जलप्रवाह की चपेट में आया हो।

चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार के अनुसार, एक ब्रिज, वाहन और एक कर्मचारी के बहने की सूचना मिली है। अन्य कर्मचारियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

SDRF और NDRF टीमें रवाना

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF, NDRF और संबंधित विभागों की टीमें सक्रिय हो गईं। टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं। लापता व्यक्ति की तलाश के साथ प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है।

भारी बारिश के चलते अलकनंदा नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। पुलिस और प्रशासन की ओर से नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क करते हुए सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। लोगों से मौसम सामान्य होने और मार्ग की स्थिति स्पष्ट होने तक नीती घाटी की ओर जाने से बचने को कहा गया है।

CM धामी ने लिया तत्काल संज्ञान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तमक नाले में वैली ब्रिज बहने की घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से घटना की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

CM धामी ने प्रभावित गांवों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित न होने देने के निर्देश दिए हैं। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों से भी आवश्यक सामग्री पहुंचाने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने नदी-नालों एवं जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने को कहा है।

SEOC से 24×7 निगरानी

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से चमोली सहित प्रदेश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की 24×7 निगरानी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि तमक नाले में अत्यधिक जलप्रवाह के कारण वैली ब्रिज पूरी तरह बह गया है। सूचना मिलते ही SDRF और NDRF की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।

फिलहाल सुरक्षा के मद्देनजर ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है।

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