रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित नगरासू गुरुद्वारे में कई दिनों से चल रहा विवाद आखिरकार बातचीत के जरिए सुलझ गया। गुरुद्वारे की छत पर डटे निहंग सिख प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन के साथ वार्ता के बाद नीचे उतर आए, जिसके बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति सामान्य हो गई।
जानकारी के अनुसार विवाद के दौरान कुछ निहंग सिख गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए थे और वहां जाने का रास्ता भी अवरुद्ध कर दिया था। प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से लगातार संवाद स्थापित करने के प्रयास किए गए। पहले दो निहंग बातचीत के लिए नीचे आए और बाद में अन्य लोगों ने भी सहमति जताते हुए छत खाली कर दी। इसके साथ ही रास्ते में लगाए गए अवरोध भी हटा दिए गए।
विवाद के दौरान बढ़ा था तनाव
घटना के दौरान गुरुद्वारे में हंगामे और मारपीट की खबरों के चलते क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था। कुछ लोगों ने सेवादारों के साथ दुर्व्यवहार और हाथापाई के आरोप लगाए। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए किसी भी अप्रिय घटना को बढ़ने नहीं दिया।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने बताया कि शनिवार शाम विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर हालात को नियंत्रित किया। शांतिपूर्ण संवाद और समझाइश के बाद सभी संबंधित पक्षों के बीच सहमति बनी और मामला सुलझा लिया गया।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि गुरुद्वारे में किसी प्रकार का कब्जा नहीं किया गया था और न ही किसी श्रद्धालु को बंधक बनाया गया था। उन्होंने बताया कि गुरुद्वारे में अरदास, लंगर और अन्य धार्मिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित होती रहीं। साथ ही हेमकुंड साहिब यात्रा भी पूरी तरह प्रभावित नहीं हुई।
कर्णप्रयाग घटना से जुड़ा था विवाद
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार नगरासू गुरुद्वारे में हुआ यह घटनाक्रम कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई एक घटना से जुड़ा था। कर्णप्रयाग बाजार में वाहन खड़ा करने को लेकर हुए विवाद के बाद चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया गया था। उनकी रिहाई की मांग को लेकर कुछ निहंग नगरासू गुरुद्वारे पहुंचे थे और विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों के पास भाला, तलवार, कुल्हाड़ी और कृपाण जैसे पारंपरिक हथियार मौजूद थे। एहतियातन क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे थे।
ठहरने की व्यवस्था को लेकर भी हुआ विवाद
गुरुद्वारा प्रबंधन के अनुसार प्रदर्शनकारियों के लिए बड़ी संख्या में कमरों की व्यवस्था की मांग की गई थी। प्रबंधन द्वारा असमर्थता जताए जाने के बाद विवाद बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि अब सभी पक्षों के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हो गया है।
प्रशासन ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है।
