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विश्व बाघ दिवस 2026: मुख्यमंत्री धामी बोले- जनभागीदारी से ही बनेगा सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड

विश्व बाघ दिवस पर मुख्यमंत्री धामी का बड़ा संदेश, कहा- जनभागीदारी से ही सफल होगा सिंगल-यूज़ प्लास्टिक प्रतिबंध अभियान

देहरादून: विश्व बाघ दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए व्यापक जनभागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से प्लास्टिक प्रतिबंध को पूरी तरह सफल नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए प्रत्येक नागरिक, उद्योग जगत, युवाओं और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

बुधवार को देहरादून के जाखन स्थित एक होटल में आयोजित “एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तन” विषयक राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देना होगा, तभी उत्तराखंड को प्लास्टिक मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।

विश्व बाघ दिवस पर बाघ संरक्षण को लेकर भी दिया बड़ा संदेश

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर बाघ संरक्षण पर आधारित चित्र एवं पोस्टकार्ड का विमोचन किया तथा वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि समृद्ध जैव विविधता और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतीक हैं। यदि जंगल सुरक्षित रहेंगे तो बाघ भी सुरक्षित रहेंगे और पर्यावरण का संतुलन भी बना रहेगा।

सिंगल-यूज़ प्लास्टिक वन्यजीवों और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक नदियों, मिट्टी, जल स्रोतों और वन्यजीवों के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। जंगलों में फेंका गया प्लास्टिक कई बार वन्यजीवों के भोजन में मिल जाता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ प्रभावी और निर्णायक अभियान चलाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

चारधाम यात्रा मार्गों और पर्यटन स्थलों पर चल रहा विशेष अभियान

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चला रही है। चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख पर्यटन स्थलों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन और रीसाइक्लिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

इको-फ्रेंडली विकल्प अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री धामी ने लोगों से कपड़े और जूट के थैलों सहित पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने प्रदेश आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भी प्राकृतिक स्थलों पर प्लास्टिक या अन्य प्रकार का कचरा नहीं छोड़ने का आग्रह किया।

उन्होंने उद्योग जगत से इको-फ्रेंडली पैकेजिंग अपनाने तथा युवाओं से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम सभाओं और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला से प्राप्त सुझाव उत्तराखंड में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक प्रतिबंध को और अधिक प्रभावी बनाएंगे तथा राज्य को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लक्ष्य को गति देंगे। कार्यक्रम में मेयर सौरभ थपलियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष इशिता सजवाण, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) कपिल लाल, प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) नीना ग्रेवाल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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