देहरादून। भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती के अवसर पर देहरादून में आयोजित जन्मदिवस समारोह में उत्तराखंड के युवा लोकगायक विवेक नौटियाल को लोकगायन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह का आयोजन आई.आर.डी.टी. सभागार, सर्वे चौक, देहरादून में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत समिति देहरादून की ओर से किया गया।
उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और पहाड़ की मिट्टी से जुड़ी भावनाओं को अपनी मधुर आवाज के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने वाले विवेक नौटियाल ने लोकसंगीत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। वे पारंपरिक गढ़वाली लोकधुनों को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत कर युवा पीढ़ी को अपनी लोक विरासत और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

विवेक नौटियाल को ‘ओटुवा बेलेणा’ जैसे पारंपरिक गीत को नए अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए भी खूब लोकप्रियता मिली। वहीं ‘उड़िजा चखुली’ जैसे गीत में उन्होंने पहाड़ की बेटी-ब्वारी की भावनाओं, मायके की याद और पहाड़ी लोकजीवन की संवेदनाओं को अपनी आवाज के जरिए प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
‘उड़िजा चखुली’ के लिए विवेक नौटियाल को यंग उत्तराखंड सिने अवॉर्ड-2025 में सर्वश्रेष्ठ पुरुष गायक के सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। उनकी गायकी में पहाड़ की खुशबू, लोकजीवन की सादगी और उत्तराखंड की संस्कृति के प्रति गहरा लगाव साफ दिखाई देता है।
युवा लोकगायक विवेक नौटियाल की पहचान अब केवल एक गायक के तौर पर नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पारंपरिक लोकधुनों और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक प्रस्तुति के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाले कलाकार के रूप में बन रही है।
पंडित गोविंद बल्लभ पंत की जयंती पर मिला यह सम्मान उनके संगीत सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
