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महिला पत्रकारों से मारपीट पर जर्नलिस्ट यूनियन ने जताया रोष, कार्रवाई की मांग

देहरादून। दिल्ली में महिला पत्रकार नफीसा खान और शाहीन खान को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और उनके साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ उत्तराखंड ने कड़ा रोष जताया है। यूनियन ने घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर हमला बताते हुए दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की है।

जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर प्रवीण मेहता ने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ मारपीट सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया साकेत थाने के दोषी थानाध्यक्ष और संबंधित महिला पुलिस अधिकारी को तत्काल निलंबित किया जाए तथा उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए।

यूनियन के प्रांतीय महासचिव गिरीश पंत ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पत्रकार समाज इस तरह की कार्रवाई को मूकदर्शक बनकर स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ मारपीट और पुलिसिया दुर्व्यवहार का मामला विशेष रूप से गंभीर है।

गिरीश पंत ने कहा कि महिला पत्रकारों को कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। पत्रकारों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता।

उन्होंने दिल्ली सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ उत्तराखंड पत्रकारों के हितों के लिए सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करेगी।

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