हल्द्वानी स्थित एमबी इंटर कॉलेज में उत्तराखंड सरकार के “चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम के तहत आयोजित भव्य जनसभा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें नंदा देवी मंदिर की प्रतिकृति एवं स्थानीय हस्तनिर्मित शॉल भेंट कर स्वागत किया।
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में उत्तराखंड के शहीदों को नमन करते हुए इसे आस्था, अध्यात्म और तपस्वियों की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि यहां के लोग परिश्रमी और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।
सरकार की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्य में जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए कहा, “धामी न केवल धाकड़ हैं, बल्कि अब धुरंधर बन चुके हैं,” जो प्रदेश के विकास के लिए प्रभावी निर्णय ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने अपने 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और यह यात्रा संघर्ष, बलिदान और विकास की रही है। सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी, बिजली, पर्यटन और रोजगार जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
रक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य की जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने धामी सरकार के निर्णयों—यूनिफॉर्म सिविल कोड, नकल विरोधी कानून, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और सीमांत गांवों के विकास—को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यूसीसी लागू कर उत्तराखंड सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाने वाला पहला राज्य बना है।

अवैध घुसपैठ और अतिक्रमण पर उन्होंने कहा कि देवभूमि की पवित्रता बनाए रखना जरूरी है और सरकार इस दिशा में सख्ती से काम कर रही है। साथ ही, सीमांत क्षेत्रों के विकास और पलायन रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रयास कर रही हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य में निवेश, पर्यटन, रोजगार, उद्योग और बुनियादी ढांचे में हुई प्रगति का विस्तृत उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के जरिए बड़े निवेश समझौते हुए हैं, स्टार्टअप्स और उद्योगों की संख्या बढ़ी है, और युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। नकल विरोधी कानून और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं का भविष्य सुरक्षित हुआ है, जबकि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे, होटल और धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सीमांत क्षेत्रों में विकास कार्यों से रिवर्स पलायन को भी प्रोत्साहन मिला है।

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें जमरानी बांध परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण विकास और वन्यजीव संरक्षण से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी गई।
इस मौके पर कई मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्य सरकार के चार वर्षों की उपलब्धियों और भविष्य की विकास योजनाओं की झलक भी प्रस्तुत की गई।
