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सीएम अवैध मदरसो पर सख्त

किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं

मदरसों की फंडिंग की जांच के आदेश

देहरादून/हरिद्वार। राज्य में व्यापक स्तर पर अवैध मदरसो के संचालन का खुलासा होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि इन मदरसों को फंडिंग कहां से हो रही है इसकी भी जांच कराई जाएगी। उनका कहना है कि अतिक्रमण चाहे किसी भी तरह का हो उसे कतई भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा?
उल्लेखनीय है कि अवैध मजारों के बाद अब मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर प्रदेश भर में मदरसों की जांच का अभियान चलाया जा रहा है। इस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा हुआ है। हरिद्वार व उधमसिंह नगर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मदरसों का संचालन हो रहा है। राजपुर—खटीमा रुद्रपुर क्षेत्र में 139 मदरसे चल रहे हैं जिनमें 7 देवबंदी व 122 बरेलवी है। वही हरिद्वार क्षेत्र में 21 मदरसे चल रहे हैं इन सभी मदरसों में 6000 के आसपास बच्चे पढ़ रहे हैं। इन मदरसों को कहां से फंडिंग हो रही है इसके जवाब में सभी मदरसों का कहना है कि यह मदरसे चंदे और दान से चलाये जा रहे हैं।
सरकार ने अब गृह विभाग तथा जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह इस बात की जांच करें कि इन मदरसों को फंडिंग करने वाले कौन लोग हैं तथा चंदा और दानदाता कौन है? मुख्यमंत्री धामी ने इन मदरसों की आय के स्रोतों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि अतिक्रमण चाहे किसी भी तरह का हो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की देव संस्कृति को संरक्षित रखने और डेमोग्राफी की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। राज्य में कुल 416 मदरसे रजिस्टर्ड है लेकिन इससे कई गुना अधिक मदरसे चल रहे हैं। इन मदरसों का संचालन नैनीताल, उधमसिंह नगर, हरिद्वार व देहरादून क्षेत्र में सर्वाधिक है। अवैध रूप से संचालित इन मदरसों के खिलाफ अब एक्शन की तैयारी है।

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