देहरादून, 07 अगस्त 2026 (सू.ब्यूरो)। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में कौशल विकास एवं रोजगार से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कौशल विकास कार्यक्रमों, प्रशिक्षण, रोजगार एवं प्लेसमेंट की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं की रुचि एवं स्थानीय रोजगार की जरूरतों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए और प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से प्रभावी ढंग से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास से जुड़े सभी विभाग एक साझा प्लेटफॉर्म पर कार्य करें, जिससे युवाओं को योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। प्रदेश को ‘स्किल हब’ के रूप में विकसित करने के लिए उन्होंने सचिव, कौशल विकास को सेतु आयोग के सहयोग एवं सभी संबंधित पक्षों की भागीदारी से एक समग्र डैशबोर्ड तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन श्री सी. रविशंकर ने बताया कि समग्र कौशल विकास के उद्देश्य से स्कूल, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा विभाग के सहयोग से उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप आईटीआई को आधुनिक बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 119 आईटीआई संचालित हैं, जिनमें से 90 आईटीआई को पोर्टल पर मैप किया जा चुका है। वहीं, टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से आईटीआई में शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग कोर्स भी शुरू किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के माध्यम से वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण, भाषा कौशल एवं अन्य आवश्यक दक्षताओं के लिए तीन एजेंसियों से बातचीत की गई है। साथ ही रोजगार प्रयाग पोर्टल पर निजी नियोक्ताओं का पंजीकरण भी किया जा रहा है। अब तक 162 निजी नियोक्ताओं को पोर्टल से जोड़ा जा चुका है।
बैठक में सेवायोजन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
