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श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय ने सुधारी गलती, उपनल कर्मचारियों के समान वेतन आदेश में किया संशोधन

15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त कर्मचारियों को लाभ देने का उल्लेख हटाया, अब 1 जनवरी 2016 तक सेवायोजित कर्मचारियों को समान काम के बदले समान वेतन देने की बात

देहरादून: उत्तराखंड में उपनल कर्मचारियों को समान काम के बदले समान वेतन दिए जाने को लेकर श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय का आदेश विवादों में आ गया है। शासन के निर्देशों के अनुरूप विश्वविद्यालय ने अपने पूर्व कार्यालय आदेश में संशोधन करते हुए नया आदेश जारी किया है। हालांकि संशोधित आदेश के बाद उपनल कर्मचारी संगठन ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।

दरअसल, शासन स्तर से उपनल कर्मचारियों को समान काम के बदले समान वेतन दिए जाने के संबंध में आदेश जारी किया गया था। इसमें पहले चरण में 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके और जनवरी 2016 तक सेवायोजित कर्मचारियों को लाभ दिए जाने का प्रावधान किया गया था।

इसी क्रम में श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय की ओर से जारी पूर्व आदेश में 15 अक्टूबर 2024 तक सेवायोजित कर्मचारियों को भी समान काम के बदले समान वेतन का लाभ दिए जाने का उल्लेख किया गया था। यह मामला सामने आने के बाद इसकी चर्चा शुरू हो गई।

अब विश्वविद्यालय ने अपने पूर्व आदेश में सुधार करते हुए संशोधित कार्यालय आदेश जारी किया है। संशोधित आदेश में 15 अक्टूबर 2024 तक सेवायोजित कर्मचारियों को लाभ देने संबंधी उल्लेख हटा दिया गया है। इसके स्थान पर 1 जनवरी 2016 तक सेवायोजित कर्मचारियों को समान काम के बदले समान वेतन का लाभ दिए जाने की बात कही गई है।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव दिनेश चंद्रा ने बताया कि पूर्व में जारी आदेश में तारीख का उल्लेख गलती से हो गया था। शासन के आदेश के अनुरूप अब उस गलती को सुधारते हुए संशोधित कार्यालय आदेश जारी कर दिया गया है।

संशोधित आदेश पर उपनल कर्मचारियों का विरोध

विश्वविद्यालय के संशोधित आदेश के बाद उपनल कर्मचारियों में नाराजगी देखने को मिल रही है। विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष विनोद कवि ने आरोप लगाया कि पहले विश्वविद्यालय ने 2024 तक सेवायोजित कर्मचारियों को समान काम के बदले समान वेतन देने का निर्णय लिया था, लेकिन अब शासन के आदेश का हवाला देते हुए उसमें बदलाव कर दिया गया है।

विनोद कवि का कहना है कि संशोधित आदेश कर्मचारियों के हित में नहीं है और इससे उन कर्मचारियों को झटका लगा है, जिन्हें पूर्व आदेश के आधार पर समान वेतन मिलने की उम्मीद जगी थी।

आदेश संशोधित होने के बाद बढ़ा विवाद

पहले जारी आदेश में 15 अक्टूबर 2024 तक सेवायोजित कर्मचारियों को लाभ दिए जाने की बात सामने आने के बाद उपनल कर्मचारियों में उम्मीद जगी थी। अब संशोधित आदेश में इसे हटाकर 1 जनवरी 2016 तक सेवायोजित कर्मचारियों को लाभ देने का उल्लेख किए जाने से नया विवाद खड़ा हो गया है।

ऐसे में श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के संशोधित आदेश को लेकर उपनल कर्मचारी संगठन और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद बढ़ता दिखाई दे रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि वे इस मामले को लेकर आगे भी अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे।

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