Breaking News
वैदिक मंत्रों के बीच खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, भक्तों में उमड़ा आस्था का सैलाब
श्रद्धा, आस्था और दिव्यता का संगम: ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट विधि-विधान के साथ खुले
बद्री विशाल के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू, जोशीमठ में धूमधाम से संपन्न हुआ त्रिमुडिया मेला
“दून वाणी” और “दून आजतक” का स्थापना दिवस समारोह भव्यता के साथ सम्पन्न
श्रद्धालुओं के लिए गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के द्वार खुले
अक्षय तृतीया पर मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं, समृद्धि की कामना
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश से चारधाम यात्रा के लिए बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर पहुँचकर जन शिकायत की जांच की, वीडियो कॉल पर अधिकारियों को दिखाया हालात
उत्तराखंड के प्रति पीएम मोदी का प्रेम एक बार फिर दिखा अपने खास अंदाज़ में

रिवर्स पलायन कर चुके लोगों को मिलेगा प्लेटफॉर्म, महिलाओं की भागीदारी से राज्य बनेगा श्रेष्ठ: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में पलायन निवारण आयोग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य में रिवर्स पलायन कर चुके लोगों के अनुभवों को साझा करने के लिए एक उपयुक्त प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि अन्य लोग भी इन सफलताओं से प्रेरित होकर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे लोगों के सुझावों को विभिन्न योजनाओं में सम्मिलित किया जाएगा, जिससे योजनाएं अधिक प्रभावी बन सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आने वाले समय में उत्तराखंड को देश के श्रेष्ठ राज्यों में स्थान दिलाएगी। यह भागीदारी नारी शक्ति के जुनून, हौसले और हुनर का सम्मान होगा।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने सचिव ग्राम्य विकास श्रीमती राधिका झा को निर्देशित किया कि वे रिवर्स पलायन कर चुके लोगों की सफलता की कहानियों को साझा करने के लिए प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में कार्य करें और उन्हें योजना निर्माण में शामिल करें। उन्होंने ग्रामीणों के स्थाई आजीविका हेतु कौशल विकास पर बल देते हुए स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं की पहचान कर स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को पेशेवर दक्षता प्रदान किया जाए, जिससे उनके उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग बेहतर हो सके और उन्हें उचित मूल्य प्राप्त हो।

पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी ने बैठक में आयोग द्वारा किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अब तक लगभग 2,000 लोगों ने राज्य में रिवर्स पलायन करते हुए कृषि, पशुपालन, पर्यटन, होम स्टे, बागवानी और अन्य क्षेत्रों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाया है और अच्छा लाभ कमा रहे हैं। बैठक में अन्य सदस्यों द्वारा भी महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए। मुख्यमंत्री ने योजनाओं के सरलीकरण के लिए भी निर्देश दिए और कहा कि आयोग को प्रभावी बनाने के लिए नियोजन, शिक्षा, पर्यटन, कौशल विकास जैसे विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री विश्वास डाबर, पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी, सदस्य श्री रामप्रकाश पैन्यूली, श्री सुरेश सुयाल, श्री दिनेश रावत, अपर आयुक्त ग्राम्य विकास श्री राजेन्द्र सिंह रावत समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top