Breaking News
यूआईआईडीबी को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर प्रमुख सचिव एवं यूआईआईडीबी एमडी श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम की मीडिया से बातचीत
स्कूलों में आपदा प्रबंधन की पुख्ता तैयारी, हर विद्यालय का बनेगा प्लान
मीटर रीडरों से संवाद कर एमडी ने जानी विद्युत व्यवस्था की जमीनी स्थिति
हल्द्वानी शहीद स्मारक पहुंचकर मुख्यमंत्री धामी ने अमर शहीदों को किया नमन, अर्पित की श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने श्री महालक्ष्मी अष्टभुजा मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की
पं. गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर युवा लोकगायक विवेक नौटियाल सम्मानित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘ज्ञान गंगा’ समारोह में मेधावियों को बांटी छात्रवृत्ति, शिक्षकों का किया सम्मान
यूजेवीएनएल के प्रदीप सिंह कैड़ा ने रचा इतिहास, 1002 किमी की राइड पूरी कर पेरिस-ब्रेस्ट-पेरिस 2027 में बनाई जगह
माउंट किलिमंजारो फतह करने वाले नन्हे पर्वतारोहियों से मिले मुख्यमंत्री धामी

रिवर्स पलायन कर चुके लोगों को मिलेगा प्लेटफॉर्म, महिलाओं की भागीदारी से राज्य बनेगा श्रेष्ठ: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में पलायन निवारण आयोग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य में रिवर्स पलायन कर चुके लोगों के अनुभवों को साझा करने के लिए एक उपयुक्त प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि अन्य लोग भी इन सफलताओं से प्रेरित होकर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे लोगों के सुझावों को विभिन्न योजनाओं में सम्मिलित किया जाएगा, जिससे योजनाएं अधिक प्रभावी बन सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आने वाले समय में उत्तराखंड को देश के श्रेष्ठ राज्यों में स्थान दिलाएगी। यह भागीदारी नारी शक्ति के जुनून, हौसले और हुनर का सम्मान होगा।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने सचिव ग्राम्य विकास श्रीमती राधिका झा को निर्देशित किया कि वे रिवर्स पलायन कर चुके लोगों की सफलता की कहानियों को साझा करने के लिए प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में कार्य करें और उन्हें योजना निर्माण में शामिल करें। उन्होंने ग्रामीणों के स्थाई आजीविका हेतु कौशल विकास पर बल देते हुए स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं की पहचान कर स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को पेशेवर दक्षता प्रदान किया जाए, जिससे उनके उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग बेहतर हो सके और उन्हें उचित मूल्य प्राप्त हो।

पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी ने बैठक में आयोग द्वारा किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अब तक लगभग 2,000 लोगों ने राज्य में रिवर्स पलायन करते हुए कृषि, पशुपालन, पर्यटन, होम स्टे, बागवानी और अन्य क्षेत्रों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाया है और अच्छा लाभ कमा रहे हैं। बैठक में अन्य सदस्यों द्वारा भी महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए। मुख्यमंत्री ने योजनाओं के सरलीकरण के लिए भी निर्देश दिए और कहा कि आयोग को प्रभावी बनाने के लिए नियोजन, शिक्षा, पर्यटन, कौशल विकास जैसे विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री विश्वास डाबर, पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी, सदस्य श्री रामप्रकाश पैन्यूली, श्री सुरेश सुयाल, श्री दिनेश रावत, अपर आयुक्त ग्राम्य विकास श्री राजेन्द्र सिंह रावत समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top