देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवा में समायोजित करने की प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकांश खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नियुक्ति देने की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के अनुरूप उत्तराखंड की नई खेल नीति तैयार की जाए। साथ ही उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गोलापार (हल्द्वानी) में आगामी माह से शैक्षणिक सत्र शुरू करने के निर्देश देते हुए प्रवेश प्रक्रिया तथा कोच, कर्मचारियों और अधिकारियों की नियुक्ति में तेजी लाने को कहा।
उन्होंने “एक ब्लॉक-एक मिनी स्टेडियम” योजना के तहत निर्माण कार्यों में तेजी लाने और 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान विकसित खेल अवसंरचना के रखरखाव के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। सीएम ने कहा कि देहरादून, गोलापार, रुद्रपुर वेलोड्रोम, टिहरी झील, हरिद्वार और पिथौरागढ़ में विकसित सुविधाओं का अधिकतम उपयोग खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 39वें राष्ट्रीय खेल-2027 की तैयारी अभी से शुरू करने, विभिन्न खेल विधाओं में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने तथा खेल संघों के सहयोग से प्रतिभा पहचान और चयन प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आगामी राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड का प्रदर्शन और बेहतर बनाना तथा देवभूमि को खेलभूमि के रूप में स्थापित करना है।
उन्होंने “एक जिला-एक खेल” योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए प्रत्येक जिला खेल छात्रावास को संबंधित खेल की नर्सरी के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक खिलाड़ी तक गुणवत्तापूर्ण खेल सुविधाएं पहुंचाने और युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक 29 पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। “एक ब्लॉक-एक मिनी स्टेडियम” योजना के तहत 48 मिनी स्टेडियम बन चुके हैं, जबकि 10 का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा भारत के पहले महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज, लोहाघाट का निर्माण तेजी से चल रहा है। वहीं उत्तराखंड के पहले और देश के दसवें राज्य खेल विश्वविद्यालय, गोलापार में 39 आधुनिक खेल एवं शैक्षणिक अवसंरचना परियोजनाओं का विकास किया जा रहा है।
