Breaking News
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आईएमए की पासिंग आउट परेड की समीक्षा की, 515 कैडेट बने सैन्य अधिकारी
“देवभूमि उत्तराखंड पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर हुआ भव्य एवं आत्मीय स्वागत
नई दिल्ली: एनडीए कॉन्क्लेव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन, नए कीर्तिमान पर मिली बधाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के सफल कार्यकाल पूर्ण होने पर दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए ₹89 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृतियां दीं
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘मेरी योजना’ पुस्तक ऑडियो क्लिप का अनावरण
मोदी युग के 12 साल: उत्तराखंड में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी का अभूतपूर्व विस्तार
जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।
उत्तराखण्ड में मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान के तहत मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपा गया गणना फॉर्म

चमोली आपदा: मलबे से 16 घंटे बाद जिंदा निकले कुंवर सिंह, पत्नी और जुड़वा बेटों की मौत

चमोली। नंदानगर तहसील के घाट इलाके में बुधवार देर रात बादल फटने से आई आपदा ने कई परिवारों को तबाह कर दिया। तेज बारिश और भूस्खलन के चलते कई मकान मलबे में दब गए। दर्जनभर से अधिक घरों को भारी नुकसान पहुँचा। इस बीच रेस्क्यू टीम ने 16 घंटे की अथक मशक्कत के बाद मलबे में दबे एक व्यक्ति को जीवित बाहर निकालने में सफलता पाई, लेकिन उसका पूरा परिवार इस त्रासदी का शिकार हो गया।

गाँव के निवासी कुंवर सिंह, पुत्र बलवंत सिंह, का आधा शरीर मलबे में दबा हुआ था। सौभाग्य से कमरे के रोशनदान से मिल रही सांसों ने उनकी जिंदगी बचा ली। बचाव दल ने गुरुवार शाम करीब छह बजे उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुँचाया।

हालाँकि, कुंवर सिंह की पत्नी कांती देवी और 10 वर्षीय जुड़वा बेटे विकास और विशाल की मलबे में दबकर मौत हो गई। दोनों बच्चे सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में कक्षा पाँचवीं के छात्र थे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुंवर सिंह ने मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार के लिए गाँव में छोटा सा घर बनाया था। बुधवार रात जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, तभी पहाड़ से आए मलबे ने सबकुछ उजाड़ दिया। शोर सुनते ही ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना दी और सुबह से ही राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।

रेस्क्यू टीम ने मलबा हटाते समय जब एक घर तक पहुँचा तो अंदर से हल्की आवाज सुनाई दी। जाँच में पता चला कि वह आवाज कुंवर सिंह की थी। इसके बाद पूरी टीम ने लगातार प्रयास कर उन्हें जिंदा बाहर निकाला।

इस आपदा में कुंवर सिंह की जान तो बच गई, लेकिन पत्नी और दोनों मासूम बच्चों को खोने का गम उन्हें जिंदगीभर सालता रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top