Breaking News
वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन पर धामी सरकार का बड़ा फोकस, स्थानीय लोगों की आर्थिकी बढ़ाने के निर्देश
चकराता में तीन दिवसीय ‘विकसित भारत–ग्रामीण’ आउटरीच कार्यक्रम का समापन
लखपति दीदी सम्मेलन में पर्यटन मंत्री पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज जी ने 48 महिलाओं को किया सम्मानित
ग्रोथ सेंटर्स को बाजार और निजी साझेदारी से जोड़ने पर जोर, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश
रौद्र हुई बारिश: अलकनंदा-मंदाकिनी उफान पर, बदरीनाथ-केदारनाथ हाईवे पर भूस्खलन से बढ़ी मुश्किलें
भारी बारिश का असर: चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित, उत्तराखंड के 11 जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी बंद
भारी वर्षा को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अलर्ट, अधिकारियों को राहत-बचाव कार्यों के निर्देश
कोटद्वार में ‘वीर सैनिक सम्मान समारोह’ आयोजित, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने वीर सैनिकों और शहीद परिवारों का किया सम्मान
उत्तराखंड में हवाई कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा विस्तार, पराग फार्म में बनेगी एविएशन एकेडमी

गुलदार के हमलों पर सीएम धामी गंभीर

घटनाएं रोकने को प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश

कहा, प्रभावित क्षेत्रों में चौबीसों घंटे अलर्ट मोड में रहे विभाग

प्रशिक्षित वनकर्मियों की क्विक रिस्पांस टीम तत्काल मौके पर पहुंचे

वन्य जीवों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए लगाएं तार बाड़

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर गम्भीर चिंता प्रकट की है। उन्होंने गुलदार और बाघों के हमले की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए वन सचिव एवं वन्यजीव प्रतिपालक को प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में विभाग को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा जाए और प्रशिक्षित वनकर्मियों की क्विक रिस्पांस टीम गठित कर उसे तत्काल मौके पर भेजा जाए। जंगली जानवरों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए गांव और जंगल की सीमा पर सोलर फेंसिंग (तार बाड़) लगाई जाए।

सीएम धामी ने कहा कि लंबे समय से यह देखने में आ रहा है कि राज्य के अलग अलग हिस्सों में वन्य जीवों के हमलों को रोकने में वन विभाग बेबस हो रहा है। इसे दृष्टिगत रखते हुए इन घटनाओं को रोकने के लिए दीर्घकालीन योजना बनाई जाए। प्रशिक्षित पशु चिकित्सक मानव वन्यजीव संघर्ष की दृष्टि से इलाक़ों में चौबीस घंटे तैनात रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर गुलदार और बाघों से भरे पड़े हैं। अब वहां अन्य पकड़े गए वन्य जीवों को रखने की जगह नहीं है, लिहाजा इसके लिए भी तुरंत कार्ययोजना बनाई जाए।

यहां बता दें कि सीएम धामी ने बीते माह आला अफसरों की आपात बैठक लेकर वन्य जीव प्रतिपालक को निर्देश दिए थे कि राज्य के रेस्क्यू सेंटर के गुलदार और बाघों को दूसरे राज्यों के चिड़ियाघर/ वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर में शिफ्ट करने के लिए वहां के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करें, ताकि यह समस्या हल हो सके। इस दिशा में अभी तक कोई अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने आज शुक्रवार को पुनः इस सम्बंध में तत्काल कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वन्यजीव संघर्ष की घटना की स्थिति में स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था की ज़िम्मेदारी पुलिस और  प्रशासन की है। इस मामले में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जंगलों से सटे गांवों में शत प्रतिशत शौचालय और गैस कनेक्शन दिए जाने की योजना बनाई जाए ताकि लोग जंगलों का रुख न करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top