नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF जमा पर **8.25% ब्याज दर** को बरकरार रखा है। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को अपने PF खाते में ब्याज राशि आने का इंतजार है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर यह पैसा कब तक खातों में पहुंचेगा और नई व्यवस्था में क्या बदलाव किए गए हैं।
कब मिलेगा EPF का ब्याज?
EPFO पूरे वित्त वर्ष के आधार पर ब्याज की गणना करता है। सरकार की मंजूरी मिलने और सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ब्याज राशि खातों में जमा की जाती है। जानकारी के मुताबिक, जुलाई 2026 के दौरान करोड़ों EPF खाताधारकों के खाते में 8.25% ब्याज क्रेडिट होना शुरू हो सकता है। हालांकि, यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी होती है, इसलिए सभी खातों में एक ही दिन ब्याज नहीं आएगा।
अगर ब्याज आने में देरी हुई तो क्या होगा?
यदि आपके खाते में ब्याज कुछ समय बाद दिखाई देता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। EPFO पूरे वित्त वर्ष के लिए ब्याज की गणना करता है और बाद में एक साथ खाते में जोड़ता है। इसलिए देर से ब्याज क्रेडिट होने पर भी खाताधारकों को किसी तरह का वित्तीय नुकसान नहीं होता।
नई EPF व्यवस्था में क्या बदलाव हुए हैं?
सरकार ने Employees’ Provident Funds Scheme, 2026 लागू की है, जिसे सामाजिक सुरक्षा संहिता (Code on Social Security, 2020) के अनुरूप तैयार किया गया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य EPF सेवाओं को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और आसान बनाना है। हालांकि, ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसे पहले की तरह 8.25% ही रखा गया है।
घर बैठे ऐसे करें EPF बैलेंस और ब्याज चेक
* EPFO Member Passbook Portal पर लॉगिन करके।
* UMANG ऐप के माध्यम से।
* EPFO की SMS और मिस्ड कॉल सेवा का उपयोग करके।
मुख्य बातें
* EPF पर 8.25% ब्याज दर बरकरार।
* केंद्र सरकार से ब्याज दर को मंजूरी मिल चुकी है।
* जुलाई 2026 से चरणबद्ध तरीके से खातों में ब्याज जमा होने की संभावना।
* देर से ब्याज आने पर भी खाताधारकों को कोई नुकसान नहीं होगा।
* नई EPF Scheme 2026 लागू, लेकिन ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
