Breaking News
जल संसाधन प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का नया अध्याय, MIKE Hydro Basin पर राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू
हिमालय दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की बड़ी घोषणा, हर साल मिलेगा ‘हिमालय विभूति सम्मान’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ
महिला पत्रकारों से मारपीट पर जर्नलिस्ट यूनियन ने जताया रोष, कार्रवाई की मांग
शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने डॉ. राधाकृष्णन को किया नमन
मुख्यमंत्री ने किसान-केंद्रित मोबाइल एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का किया शुभारंभ
यूपीसीएल एमडी ने बिजली व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर दिया जोर
बाबा नीब करौरी महाराज के जीवन से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ देख भावुक हुए सीएम धामी
*चम्पावत में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक की होगी स्थापना*

माँ धारी देवी मंदिर

देवी काली को समर्पित मंदिर यह मंदिर इस क्षेत्र में बहुत पूजनीये है। लोगों का मानना है कि यहाँ धारी माता की मूर्ति एक दिन में तीन बार अपना रूप बदलती हैं पहले एक लड़की फिर महिला और अंत में बूढ़ी महिला । एक पौराणिक कथन के अनुसार कि एक बार भीषण बाढ़ से एक मंदिर बह गया और धारी देवी की मूर्ति धारो गांव के पास एक चट्टान के रुक गई थी। गांव वालों ने मूर्ति से विलाप की आवाज सुनाई सुनी और पवित्र आवाज़ ने उन्हें मूर्ति स्थापित करने का निर्देश दिया।

हर साल नवरात्रों के अवसर पर देवी कालीसौर को विशेष पूजा की जाती है। देवी काली के आशीर्वाद पाने के लिए दूर और नजदीक के लोग इस पवित्र दर्शन करने आते रहे हैं।मंदिर के पास एक प्राचीन गुफा भी मौजूद है ।यह मंदिर दिल्ली-राष्ट्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग 55 पर श्रीनगर से 15 किमी दूर है ।अलकनंदा नदी के किनारे पर मंदिर के पास तक 1 किमी-सीमेंट मार्ग जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top