Breaking News
राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का होगा संपूर्ण कायाकल्प, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में होंगे विकसित
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को मुख्यमंत्री धामी ने दी श्रद्धांजलि, पुलिस के लिए कीं 8 घोषणाएं
उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा को मिलेगी नई मजबूती, सीएम धामी ने 20.55 करोड़ की पांच योजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास
डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल, लोकभवन में ली शपथ
उत्तराखण्ड में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग से बढ़ रही राज्य की पहचान, मसूरी से नैनीताल तक फिल्म निर्माताओं की पसंद बना देवभूमि का प्राकृतिक परिवेश
दशहरा 2026: देहरादून में 181 फीट का रावण, 21 लाख रुपये की लागत से तैयार; रिमोट से होगा दहन
देवप्रयाग में खाई में गिरी हरियाणा नंबर की कार, दो की मौत, तीन घायल
अंकिता भंडारी हत्याकांड: 24 घंटे में तीनों आरोपी गिरफ्तार, 88 दिन में जांच पूरी
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री धामी

उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता के लिए गठित समिति ने मुख्यमंत्री धामी को सौंपा ड्राफ्ट

सीएम को विशेषज्ञ समिति की अध्यक्ष ने सौंपी रिपोर्ट 

विधानसभा में छह फरवरी को पेश किए जाने की उम्मीद

यूसीसी ड्राफ्ट रिपोर्ट को कल कैबिनेट बैठक में मिलेगी मंजूरी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति ने अपनी मसौदा रिपोर्ट सौंप दी है। विशेषज्ञ समिति की अध्यक्ष जस्टिस (सेनि) रंजना प्रकाश देसाई और उनकी टीम ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंपने के लिए मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन पहुंची, जहां उन्होंने सीएम धामी को मसौदा रिपोर्ट सौंपी। कल कैबिनेट बैठक में यूसीसी ड्राफ्ट रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद इसे छह फरवरी को विधानसभा में पेश किए जाने की उम्मीद है। वहीं इस रिपोर्ट को सौंपे जाने के बाद उत्तराखंड देश में सबसे पहले यूसीसी लागू करने वाला राज्य बनने के लिए एक और अहम कदम बढ़ा देगा।

2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने यूसीसी लागू करने के लिए जस्टिस देसाई की अध्यक्षता में समिति बनाई थी। ड्राफ्ट तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री ने समिति का तीन बार कार्यकाल बढ़ाया। इस दौरान समिति ने ऑनलाइन और ऑफलाइन आधार पर जनता से यूसीसी को लेकर सुझाव आमंत्रित किए। विशेषज्ञ समिति ने उप समिति बनाकर उन्हें समाज के विशिष्ट लोगों, समाजसेवियों, धार्मिक नेताओं, संतों और जागरूक नागरिकों के साथ चर्चा की और सुझाव लिए। समिति ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का दौरान किया और वहां खुली बैठकें में लोगों से सुझाव लिए। इस तरह समिति को करीब ढाई लाख सुझाव प्राप्त हुए। करीब तीस अलग-अलग बैठकों में उसे कई महत्वपूर्ण सुझाव मिले। समिति ने केंद्रीय विधि आयोग के साथ भी यूसीसी पर चर्चा की। इस मैराथन कवायद के बाद समिति ने अपना ड्राफ्ट तैयार किया।

तीन फरवरी को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार यूसीसी की ड्राफ्ट रिपोर्ट पर चर्चा करेगी और विधेयक को मंजूरी देगी। इसके बाद पांच फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान यूसीसी विधेयक को सदन पटल पर रखा जाएगा। छह फरवरी को इसे सदन में लाए जाने की संभावना है। सदन से पारित होने के बाद इसे राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह अधिनियम बन जाएगा। हालांकि सियासी गलियारों में इसे राष्ट्रपति को भेजे जाने को लेकर भी चर्चाएं गरम हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top