मौसम में आए बदलाव का असर चमोली जनपद के साथ ही प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिला। राजधानी देहरादून में बारिश होने से तापमान में गिरावट महसूस की गई। वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ने लगी है।
नर-नारायण पर्वत की चोटियों पर बर्फबारी से बढ़ी सुंदरता
बदरीनाथ धाम में भगवान बदरी विशाल के दर्शन के लिए देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सुबह के समय नर-नारायण पर्वत की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का खूबसूरत नजारा देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ ही बर्फ से ढकी पर्वत शृंखलाओं की प्राकृतिक सुंदरता का भी आनंद लिया। धाम की धार्मिक महत्ता के साथ यहां का मनमोहक प्राकृतिक दृश्य भी यात्रियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे कपाट
बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। कपाट बंद होने की तिथि नजदीक आने के बावजूद श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। तीर्थयात्री भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में शामिल हो रहे हैं।
चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में भी श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखने को मिल रहा है। कपाट बंद होने से पहले भगवान के दर्शन करने की इच्छा लेकर देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं।
बदलते मौसम में सतर्कता जरूरी
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में और गिरावट महसूस हो सकती है। ऐसे में बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े साथ रखने और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर यात्रा करने की सलाह दी जाती है। पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए यात्रियों को प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों, मौसम के पूर्वानुमान और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करनी चाहिए।


