Breaking News
राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का होगा संपूर्ण कायाकल्प, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में होंगे विकसित
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को मुख्यमंत्री धामी ने दी श्रद्धांजलि, पुलिस के लिए कीं 8 घोषणाएं
उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा को मिलेगी नई मजबूती, सीएम धामी ने 20.55 करोड़ की पांच योजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास
डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल, लोकभवन में ली शपथ
उत्तराखण्ड में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग से बढ़ रही राज्य की पहचान, मसूरी से नैनीताल तक फिल्म निर्माताओं की पसंद बना देवभूमि का प्राकृतिक परिवेश
दशहरा 2026: देहरादून में 181 फीट का रावण, 21 लाख रुपये की लागत से तैयार; रिमोट से होगा दहन
देवप्रयाग में खाई में गिरी हरियाणा नंबर की कार, दो की मौत, तीन घायल
अंकिता भंडारी हत्याकांड: 24 घंटे में तीनों आरोपी गिरफ्तार, 88 दिन में जांच पूरी
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री धामी

300 खिलाड़ियों को पछाड़ 9 वर्षीय शिवाय सिंह बने फीडे रेटिंग चैंपियन, कोरोना काल में शुरू हुआ था शतरंज का सफर

रुद्रपुर। उत्तराखंड के रुद्रपुर स्थित मनोज सरकार स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित चार दिवसीय प्रथम धीरज सिंह मेमोरियल बिलो-1900 FIDE रेटिंग शतरंज प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज निवासी 9 वर्षीय शिवाय सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। भारत के विभिन्न राज्यों और नेपाल से आए करीब 300 खिलाड़ियों के बीच शिवाय ने अपनी बेहतरीन रणनीति और धैर्य का परिचय देते हुए पहला स्थान प्राप्त किया।

प्रतियोगिता के नौ राउंड के बाद शिवाय सिंह और पंजाब के युवराज सिंह के समान आठ-आठ अंक रहे। हालांकि FIDE के निर्धारित टाई-ब्रेक नियमों के आधार पर शिवाय को विजेता घोषित किया गया, जबकि युवराज उपविजेता रहे। चंडीगढ़ के दीशांत बंसल तीसरे, हरियाणा के कृष्णा कुंडू चौथे और राजस्थान की आशी उपाध्याय पांचवें स्थान पर रहीं।

समापन समारोह में अपर जिला अधिकारी (प्रशासन) पंकज उपाध्याय और सेवानिवृत्त कर्नल सुभाष सहगल ने विजेताओं को ट्रॉफी और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। एडीएम पंकज उपाध्याय ने कहा कि मात्र नौ वर्ष की उम्र में शिवाय की उपलब्धि प्रेरणादायक है और सही मार्गदर्शन मिलने पर वे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

शिवाय के पिता रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान घर पर रहते हुए शिवाय की मां ने उन्हें शतरंज खेलना सिखाया। धीरे-धीरे खेल के प्रति उनकी रुचि बढ़ी और नियमित अभ्यास के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली। उन्होंने कहा कि परिवार को शुरुआत में अंदाजा भी नहीं था कि शिवाय इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करेंगे।

चौथी कक्षा के छात्र शिवाय सिंह ने अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे पहले वह जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय अंडर-7 (बिलो-1800) प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनका सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना और विश्वभर में देश का नाम रोशन करना है।

गौरतलब है कि बिलो-1900 FIDE रेटिंग प्रतियोगिता में केवल वे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जिनकी अंतरराष्ट्रीय FIDE रेटिंग 1900 से कम होती है। इस तरह की प्रतियोगिताएं उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और अंतरराष्ट्रीय रेटिंग हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top