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भारी वर्षा आपदा पर देहरादून में मॉक ड्रिल, सात स्थानों पर चला राहत एवं बचाव अभियान

देहरादून। संभावित आपदा से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने गुरुवार को देहरादून जनपद में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की। भारी वर्षा के कारण सात अलग-अलग स्थानों पर आपदा की काल्पनिक स्थिति बनाकर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान का अभ्यास किया।

मॉक ड्रिल के तहत चकराता-त्यूनी मोटर मार्ग (एनएच-707ए) पर धारनाधार के समीप भूस्खलन और बोल्डर गिरने की घटना दर्शाई गई। भारी मलबा आने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, जिससे कई यात्री वाहन, स्थानीय परिवहन और आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रक दोनों ओर फंस गए। सूचना मिलते ही आपदा कंट्रोल रूम ने उप जिलाधिकारी चकराता सहित संबंधित अधिकारियों को सतर्क किया और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं। एक वाहन पर बोल्डर गिरने से दो लोगों के घायल होने की स्थिति में उनका सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

इसी दौरान लगातार बारिश के कारण रिस्पना, गंगा, चंद्रभागा, सुसवा और सोंग नदियों के जलस्तर में वृद्धि की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। गौहरी माफी क्षेत्र में बाढ़ का पानी प्रवेश करने, सड़कों और छोटे पुलों के जलमग्न होने तथा कई परिवारों के फंसने की सूचना पर प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। प्रभावित लोगों की निकासी, राहत शिविरों की स्थापना, चिकित्सा सहायता और जलस्तर की निगरानी का अभ्यास भी किया गया।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) से जुड़े सभी अधिकारी कंट्रोल रूम पहुंचे और समन्वित कार्रवाई की समीक्षा की। चकराता और डोईवाला में जलभराव में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि चकराता-त्यूनी मोटर मार्ग को यातायात के लिए बहाल करने का अभ्यास भी सफलतापूर्वक किया गया।

विकासनगर, मालदेवता, कार्लीगाड़, दूधली और डोईवाला के बड़कली वाला पुल क्षेत्र में जलभराव की स्थिति में फंसे लोगों की तलाश और रेस्क्यू का अभ्यास किया गया। सहसपुर में नदी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालकर डोईवाला स्थित राहत शिविर पहुंचाया गया। वहीं राजकीय प्राथमिक विद्यालय, जमनपुर के बच्चों को भी सुरक्षित बाहर निकालने का सफल अभ्यास किया गया।

प्रशासन के अनुसार देहरादून की सभी सात निर्धारित लोकेशन पर मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई। अभियान के समापन पर इंसिडेंट कमांडर ने सभी संबंधित एजेंसियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और आपसी समन्वय को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।

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