Breaking News
प्रदेश में 4 जुलाई से शुरू होगा ‘सेवा पखवाड़ा’, हर जिले और तहसील में विशेष शिविर
भारी वर्षा आपदा पर देहरादून में मॉक ड्रिल, सात स्थानों पर चला राहत एवं बचाव अभियान
लाल पुल बस हादसे की होगी मजिस्ट्रियल जांच, डीएम ने एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
पदक विजेता खिलाड़ियों को तय समय में सरकारी नौकरी, राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के अनुरूप बनेगी नई खेल नीति : सीएम धामी
उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार, मुख्य सचिव ने लॉन्च किया पीएम गतिशक्ति यूज केस 2.0 और मोबाइल ऐप
मानसून से पहले अलर्ट मोड में उत्तराखंड, मुख्यमंत्री धामी ने दिए प्रभावी आपदा प्रबंधन के निर्देश
उत्तराखण्ड में अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ, मदरसा बोर्ड की जगह लागू हुई नई व्यवस्था
धामी के प्रयास रंग लाए, उत्तराखंड की सड़क परियोजनाओं के लिए ₹7 हजार करोड़ पर सहमति
देवभूमि के पौराणिक मंदिरों का होगा कायाकल्प, श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं: सतपाल महाराज

उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार, मुख्य सचिव ने लॉन्च किया पीएम गतिशक्ति यूज केस 2.0 और मोबाइल ऐप

देहरादून। उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं की बेहतर योजना और विभागों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने की दिशा में गुरुवार को सचिवालय में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने पीएम गतिशक्ति यूज केस 2.0 का विमोचन किया और विभागीय डेटा संग्रहण के लिए मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारंभ किया।

मुख्य सचिव ने कहा कि जियोस्पेशियल तकनीक उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, रेलवे, भवन, बांध और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं की बेहतर योजना, सटीक लोकेशन और विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय संभव होगा।

उन्होंने सभी विभागों से अधिक से अधिक प्रमाणिक डेटा पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं की गुणवत्ता बढ़े और विभागों के बीच डेटा इंटीग्रेशन के जरिए बेहतर निर्णय लिए जा सकें।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी परियोजनाओं में साइट चयन से पहले पीएम गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से जियोस्पेशियल मैपिंग अनिवार्य की जाए। साथ ही नई स्वीकृत सभी योजनाओं को भी पोर्टल पर अपलोड किया जाए, जिससे परियोजनाओं में दोहराव रोका जा सके और बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो।

उन्होंने नियोजन विभाग को व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठकों में भी इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजनाओं का अधिक प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके। इसके अलावा सभी विभागों में मास्टर रिसोर्स पर्सन नामित करने और अधिकारियों को नियमित प्रशिक्षण दिलाने पर भी जोर दिया।

मुख्य सचिव ने BISAG-N द्वारा विकसित इस एप्लीकेशन को राज्य के उन्नति (स्टेट प्रगति) पोर्टल से एकीकृत करने के निर्देश देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग प्रदेश के समग्र और वैज्ञानिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top