चमोली: चमोली जनपद के जोशीमठ स्थित प्रसिद्ध नरसिंह मंदिर में शनिवार को पौराणिक त्रिमुडिया मेले का भव्य आयोजन किया गया। इसी के साथ भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने की धार्मिक प्रक्रिया विधिवत रूप से प्रारंभ हो गई है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन समय में पीपलकोटी के समीप ‘ह्यूणा’ नामक स्थान पर त्रिमुडिया वीर का आतंक था, जो नरबलि लिया करता था। कहा जाता है कि मां दुर्गा ने अपनी यात्रा के दौरान उसे वश में कर जोशीमठ लाया और यह शर्त रखी कि हर वर्ष बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व उसे बकरे, कच्चे चावल और गुड़ का भोग लगाया जाएगा। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी देव पूजाई समिति के तत्वावधान में उग्रवीर देवता को भोग अर्पित किया गया।
मेले के दौरान विभिन्न देवी-देवताओं के पश्वा अवतरित हुए और उन्होंने क्षेत्रवासियों को खुशहाली और समृद्धि का आशीर्वाद दिया। आयोजन को सफल बनाने में रैंकवाल पंचायत की अहम भूमिका रही, जिनके द्वारा माता दुर्गा का आलम त्रिमुडिया वीर के लिए लाया गया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष अनिल नंबूदरी, उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र सती, सचिव प्रकाश नेगी और कोषाध्यक्ष आशिष चंद्र सती उपस्थित रहे। वहीं रैंकवाल पंचायत के अध्यक्ष अनूप नेगी, उपाध्यक्ष सोहन सिंह बैजवाणी और सचिव सुभाष पंवार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। धार्मिक अनुष्ठानों को संपन्न कराने में विभिन्न देवताओं के पश्वाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मेले में स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की भी भारी भीड़ देखने को मिली, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा।
