नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही, 160 से ज्यादा मौतों की सूचना; 750 से अधिक लोग लापता
कोलकाता: नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। भोटेकोशी नदी में अचानक तेज जल प्रवाह आने से कई इलाके जलमग्न हो गए और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। अब तक इस आपदा में 160 से ज्यादा लोगों की मौत की सूचना है, जबकि 750 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। नेपाली सेना की टीमें प्रभावित इलाकों में खाने-पीने की सामग्री, टेंट और दवाइयां पहुंचा रही हैं। तिमुरे, स्याब्रूबेसी और नदी किनारे के इलाकों में सेना के साथ निजी हेलीकॉप्टरों और पैदल राहत टीमों को भी लगाया गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कोलकाता का 32 सदस्यीय ग्रुप लापता
इस त्रासदी के बीच पश्चिम बंगाल के कोलकाता से नेपाल गए 32 लोगों के एक समूह के लापता होने की खबर सामने आई है। एक अधिकारी ने बताया कि समूह में 30 पर्यटक और दो टूर मैनेजर शामिल हैं। यह दल 21 अगस्त को कोलकाता से रवाना हुआ था और अगले दिन नेपाल पहुंचा था।
बताया गया कि समूह तिब्बत में प्रवेश के लिए सुबह रसुवागढ़ी पहुंचा था। जिस समय नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक बाढ़ आई, उस वक्त समूह के सदस्य करीब 8:30 बजे इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद थे। इसके बाद से 32 में से किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं हो पाया है।
अधिकारी के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में मौजूद पश्चिम बंगाल के लोगों का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, बाढ़ के कारण जमीनी हालात बेहद खराब हैं और संचार व्यवस्था भी बाधित हो गई है।
कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया था ग्रुप
कोलकाता की एक ट्रैवल एजेंसी के जरिए यह दल कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया था। एजेंसी के प्रतिनिधि दिब्य ज्योति बसु ने बताया कि 30 पर्यटकों के साथ उनके दो टूर मैनेजर जयंत सान्याल और नृपेन सरकार भी मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि दोनों मैनेजरों के मोबाइल पर रोमिंग सुविधा थी और उनसे आखिरी बार सुबह करीब 8 बजे संपर्क हुआ था। उस समय कुछ पर्यटकों के फेसबुक लाइव करने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, बाढ़ की खबर सामने आने के बाद से सभी से संपर्क टूट गया।
टूर एजेंसी ने नेपाल के पर्यटन अधिकारियों और भारतीय दूतावास से संपर्क किया है। प्रभावित क्षेत्र में एक हेलीकॉप्टर भेजकर लापता लोगों की तलाश का प्रयास भी किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने शुरू की हेल्पलाइन
पश्चिम बंगाल सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। राज्य सरकार ने नेपाल में फंसे या लापता पश्चिम बंगाल के पर्यटकों, तीर्थयात्रियों, कामगारों और व्यापारियों की जानकारी जुटाने के लिए अधिकारियों को सक्रिय किया है।
अधिकारियों के अनुसार कोलकाता के अलावा हुगली के चंदननगर और उत्तर 24 परगना के बारासात के रहने वाले कुछ लोग भी नेपाल में फंसे या लापता हो सकते हैं।
भारी बाढ़ के कारण प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क और संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे राहत एवं बचाव दलों के सामने लोगों का पता लगाने में मुश्किलें आ रही हैं।
भूकंप के बाद आई बाढ़?
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि सुबह 8:37 बजे स्थानीय समय पर तिब्बत क्षेत्र में भूकंप आया था। इसके करीब तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ की सूचना मिली। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि भूकंप के झटकों से ग्लेशियर टूटने या किसी अन्य प्राकृतिक घटना के कारण फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी हो सकती है।
महाराष्ट्र ने भी जारी की हेल्पलाइन
नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने भी हेल्पलाइन और 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम शुरू किया है। परिवार और परिजन लापता या फंसे लोगों की जानकारी प्रशासन को दे सकते हैं।
राज्य कंट्रोल रूम हेल्पलाइन: 1070 (टोल-फ्री)
कंट्रोल रूम: +91-9321587143
ई-मेल: controlroom@maharashtra.gov.in
लापता लोगों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने के लिए महाराष्ट्र सरकार की ओर से सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। जानकारी देते समय व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर, नेपाल में मौजूद स्थान या होटल, यात्रा संबंधी विवरण और परिवार का संपर्क नंबर उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नेपाल में मौजूद परिजनों से संपर्क नहीं होने की स्थिति में घबराएं नहीं और तत्काल हेल्पलाइन या ऑनलाइन माध्यम से संबंधित जानकारी साझा करें, ताकि राहत और खोज अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
