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मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई व्यय-वित्त समिति की बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं को स्वीकृति।

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में व्यय-वित्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विभिन्न जनपदों से संबंधित महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं पर विचार करते हुए उन्हें अनुमोदन प्रदान किया गया।

निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं को स्वीकृति दी गई—
– अमृत 2.0 के ट्रांच-2 के अंतर्गत सहस्त्रधारा पेयजल योजना को स्वीकृति प्रदान की गई। इस योजना का क्रियान्वयन उत्तराखंड जल संस्थान द्वारा किया जाएगा।
– जनपद पौड़ी गढ़वाल के द्वारीखाल/एकेश्वर विकास खंड के अंतर्गत सतपुली बैराज के निर्माण (पुनरीक्षित) प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
– जनपद नैनीताल के हल्द्वानी स्थित फायर स्टेशन में टाइप-द्वितीय, टाइप-तृतीय तथा टाइप-चतुर्थ श्रेणी के कुल आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई।
– जनपद देहरादून के डांडा लखौंड क्षेत्र में सहस्त्रधारा रोड पर शहरी विकास निदेशालय के कार्यालय भवन के निर्माण के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया।
– नगर निगम रुद्रपुर के मुख्य कार्यालय भवन के पुनर्निर्माण के कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
योजनाओं के क्रियान्वयन पर मुख्य सचिव के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन व्यवहारिक, मितव्ययी, पारदर्शी तथा गुणवत्ता-परक तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं के कार्य निर्धारित समयसीमा में तेजी से पूर्ण किए जाएं।
उन्होंने परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान पारिस्थितिकी संतुलन का विशेष ध्यान रखने तथा योजनाओं को दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ (सस्टेनेबल) बनाने के उद्देश्य से कार्य करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में सचिव नितेश झा, शैलेश बगौली, एस.ए. अदांकी, युगल किशोर पंत सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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