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मुकदमा दर्ज

  •  सोशल मीडिया पर गर्दन काटने की बात कहने वाली इन्फ्लुएंसर पर हुआ मुकदमा दर्ज

देहरादून। आपसी वैमनस्य फैलाने के आरोप में यूकेडी महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष संतोष भंडारी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विदित हो कि उत्तराखंड में निरंतर अलगाववादी शक्तियां नित नए प्रपंच रच कर उत्तराखंड में वैमनस्य फैला रही है और पहाड़ी तथा मैदानी मूल के लोगों के मध्य नफरत की खाई खोदी जा रही है। इस क्रम में पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो से हंगामा मचा हुआ है, जिससे पूरे प्रदेश में वैमनस्य फैलने का भय है। यह वीडियो उत्तराखंड क्रांति दल के महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष संतोष भंडारी के अधिकृत फेसबुक पेज पर पोस्ट की गई है। वीडियो की भाषा बेहद अशोभनीय एवं वैमनस्य पूर्ण है। इसी से व्यथित हो अधिवक्ता अमित तोमर द्वारा एक तहरीर कोतवाली देहरादून में दी गई। जिस पर पुलिस द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए संतोष भंडारी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
अधिवक्ता अमित तोमर ने अपनी तहरीर में बताया कि संतोष भंडारी द्वारा अपने वीडियो में पहाड़ी मूल के भोले भाले लोगों को घर में खुखरी रखने और उससे बनिया समाज के लोगों की गर्दन काटने के लिए उकसाया गया। तहरीर में उन्होंने बताया कि संतोष भंडारी द्वारा उत्तराखंड की पहाड़ी महिलाओं के लिए भी अशोभनीय शब्दों का प्रयोग कर उन्हें 200 रुपए में नाचने वाली ’नचनिया’ बुलाया गया। तहरीर में बताया गया कि संतोष भंडारी द्वारा पहाड़ी मूल के लोगों को भड़काते हुए पूर्ण बनिया समाज का बॉयकॉट करने का आह्वान किया गया और पहाड़ी मूल के लोगों को किसी भी बनिये की दुकान से सामान न खरीदने की चेतावनी दी गई। अमित तोमर ने बताया कि वायरल वीडियो में संतोष भंडारी द्वारा मैदानी समाज को कई बार गाली दी गई जिससे पूरे मैदानी समाज में रोष है। अमित तोमर ने पुलिस महानिदेशक से भी शिकायत करते हुए कहा कि संतोष भंडारी के कृत्य राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए ) 1980 के दायरे में आते है तथा संतोष भंडारी को एनएसए में निरुद्ध करने की फरियाद की। उक्त प्रकरण में पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।

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