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उत्तराखंड: नई फिल्म नीति मंजूर, क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों के लिए सब्सिडी 8 गुना बढ़ाई

सीएम धामी की कैबिनेट में हुआ बड़ा फैसला

देहरादून। उत्तराखंड को फिल्म निर्माण का हब बनाने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाए हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नई फिल्म नीति को मंजूरी दे दी गई है। क्षेत्रीय भाषाओं गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी में बनने वाली फिल्मों के लिए सब्सिडी को आठ गुना बढ़ाकर ₹25 लाख से दो करोड़ कर दिया गया है। जबकि अन्य फीचर फिल्मों के लिए सब्सिडी को डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर तीन करोड़ कर दिया गया है।

धामी सरकार की नई फिल्म नीति न केवल दुनियाभर के फिल्म निर्देशकों और निर्माताओं को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करेगी बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, विरासत, इतिहास और विलुप्त सुरम्य पर्यटक स्थलों के विकास में भी महत्वपूर्ण साबित होगी। सीएम धामी का कहना कि सरकार ने फिल्म निर्माण में अग्रणी राज्यों की फिल्म नीति के विस्तृत अध्ययन और फिल्म विशेषज्ञों से विचार मंथन के बाद नई फिल्म नीति तैयार की है। यह नीति प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। बैठक में कई अन्य निर्णय भी लिए गए।

उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देगी नई नीति : तिवारी

राज्य फिल्म बोर्ड के सीईओ आईएएस बंशीधर तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड को फिल्म शूटिंग का हब बनाने के साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को फिल्मों में मौका देकर रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराना नई नीति का उद्देश्य है।

मीडिया से बात करते हुए सीईओ तिवारी ने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी में आठ गुना वृद्धि कर दी गई है। अब क्षेत्रीय फिल्मों के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये की सब्सिडी मिलेगी। पहले यह ₹25 लाख थी। इसी प्रकार हिंदी व अन्य फीचर फिल्मों की सब्सिडी को डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर तीन करोड़ किया गया है। जो छात्र फिल्मों के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उनको भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। ऐसे छात्र जो किसी मान्यताप्राप्त ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, उनकी फीस के भुगतान में सरकार मदद करेगी। आरक्षित वर्ग के छात्रों की 75 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के छात्रों की 50 प्रतिशत फीस सरकार वहन करेगी।

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