Breaking News
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आईएमए की पासिंग आउट परेड की समीक्षा की, 515 कैडेट बने सैन्य अधिकारी
“देवभूमि उत्तराखंड पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर हुआ भव्य एवं आत्मीय स्वागत
नई दिल्ली: एनडीए कॉन्क्लेव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन, नए कीर्तिमान पर मिली बधाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के सफल कार्यकाल पूर्ण होने पर दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए ₹89 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृतियां दीं
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘मेरी योजना’ पुस्तक ऑडियो क्लिप का अनावरण
मोदी युग के 12 साल: उत्तराखंड में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी का अभूतपूर्व विस्तार
जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।
उत्तराखण्ड में मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान के तहत मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपा गया गणना फॉर्म

सविन बंसल को सरदार पटेल का उत्तराधिकारी मान रहीं सामाजिक संस्थाएं

देहरादून। दून की 25 से अधिक सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी सविन बंसल की ईमानदारी, प्रशासनिक क्षमता, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उन्हें देशभक्त सरदार पटेल का उत्तराधिकारी बताया। साथ ही, उन्होंने बंसल को हटाने के प्रयासों का विरोध करते हुए उनके जनहित कार्यों की खुलकर प्रशंसा की।

प्रतिनिधियों ने कहा कि जनहित मामलों में त्वरित कार्रवाई, जनता दरबार में वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का समाधान तथा आपदा के दौरान दिन-रात राहत कार्यों में जुटे रहना बंसल की कार्यशैली को दर्शाता है। उनका मानना है कि ऐसे कर्मठ और ईमानदार अधिकारी को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना चाहिए।

विभिन्न वक्ताओं ने बंसल को न्यायप्रिय, संवेदनशील और जनसेवा के प्रति समर्पित अधिकारी बताते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की नई परंपरा स्थापित की है। उनके नेतृत्व में जन समस्याओं के समाधान में तेजी आई है और आमजन का शासन-प्रशासन पर विश्वास मजबूत हुआ है।

सामाजिक संस्थाओं ने कहा कि बंसल जैसे अधिकारी जनता और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु हैं। उन्होंने निष्पक्षता के साथ कार्य करते हुए आमजन की समस्याओं का समाधान किया है। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे अधिकारी को हटाना जनहित के खिलाफ होगा और इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top