सहसपुर के अंतर्गत तिलवाड़ी में उतराखंड के मूल निवासी रोहित नेगी की बाहरी राज्य से यहाँ पर अध्ययन के लिए आये अजहर नाम के लड़के ने गोली मार कर हत्त्या कर दी,लेकिन अभी तक भी पुलिस अपराधी को पकड़ने में सफल नहीं हो पायी है, यह राज्य की राजधानी देहरादून में कानून व्यवस्था की पोल खोलता है, प्रायः देखा गया है कि देहरादून में संचालित निजी कॉलेज, कोचिंग सेंटर, पी जी होस्टल, होम स्टे, बिना किसी सत्यापन के केयर टेकर के बिना संचालित किये जा रहे हैं, देहरादून में प्रायः रात को सड़को पर बाहरी राज्यों के वाहन में बैठे अराजक तत्वों द्वारा मार पीट के साथ अराजकता फैलाई जाती है, जिससे देवभूमि का सामाजिक वातावरण दूषित हो रहा है,
इस सम्बन्ध में उक्रांद मांग करता है कि जिस कॉलेज में रोहित नेगी की हत्त्या करने वाला अपराधी अजहर है उस कॉलेज में पढ़ने वाले सभी बाहरी राज्यों के छात्रों के आवास होस्टल की शिनाख्त की जाए, क्योंकि स्थानीय निवासियों से जानकारी के मुताबिक देहरादून के सहसपुर एवं सेलाकुई क्षेत्र में अधिकतर होस्टल एवं पीजी बिना सत्यापन के संचालित किये जा रहे हैं, जहाँ पर रात को प्रायः आपसी रंजिश के कारण छात्रों के बीच लड़ाई झगड़े होते रहते हैं।
पूर्व महानगर अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ ने कहा कि देहरादून के सहसपुर क्षेत्र में कॉलेज में छात्रों द्वारा आपस में गुट कल्चर को अपनाकर स्थानीय निवासियों को डराने धमकाने तथा नशे का व्यापार भी किया जा रहा है, जिसमें प्रायः कॉलेज प्रशासन भी मौन रहता है, जिस कारण पढ़ने के उदेश्य से आने वाले छात्रों को भी ये प्रभावित करते हैं, देहरादून में संचालित सभी पी जी होस्टल, होम स्टे, का सत्यापन हो जहाँ बाहरी छात्र किराये पर रह रहे हैं

महामंत्री किरन रावत ने कहा कि देहरादून के सभी होटल, रेस्टोरेंट, एवं जहाँ भी शराब का सेवन खुले में कराया जा रहा हो, तत्काल उनके मालिकों के खिलाफ उचित धाराओ में मुकदमा दर्ज हो, ताकि इसकी पुनरावृत्ति ना हो सके, क्योकि अधिकतर मामलों में देखा गया है, कि ऐसे स्थानों से ही वारदात का जन्म होता है ।
आज कॉलेज में खुलेआम नशा परोसा जा रहा है, जिसमे छात्रों के नैतिक पतन के साथ ही भविष्य अंधकार की ओर जा रहा है, इसके लिए पुलिस प्रशासन द्वारा स्कूल, कॉलेजों में जागरुकता अभियान चलाया जाए,
यह भी सूचना मिली कि हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपियों द्वारा कुछ दिन पूर्व भी क्षेत्र में मार पिटाई की गयी, जिसके बाद स्थानीय निवासियों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज की लेकिन उस पर कोई कारवाई नहीं की गयी । प्रायः देखा गया है कि शिकायत पर पुलिस रिपोर्ट नहीं दर्ज करती है, ऐसे अपराधी खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
उक्रांद मांग करता है कि यदि शीघ्र रोहित हत्याकांड को आरोपियों को नहीं पकडा गया तो उक्रांद प्रदेश में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा ।
इस दौरान दल के वरिष्ठ नेता संजीव भट्ट, डिमेश्वर रनाकोटि, प्रमिला रावत, किरन रावत, परवीन चंद रमोला, देव चंद उतराखंडी, यशपाल नेगी, बृज मोहन सजवाण,अनूप बिष्ट, मनीष रावत आदि रहे ।
