Breaking News
सीएम धामी ने सुनीं थारू समाज की समस्याएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास को लेकर दोहराई प्रतिबद्धता
IMC खुरपिया को लेकर धामी सरकार का स्पष्ट विजन, दिसंबर 2028 तक ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा करने का लक्ष्य
घायल श्रमिकों से मिले मुख्यमंत्री, जिला अस्पताल में जाना कुशलक्षेम
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने टीएचडीसी टनल हादसे का किया स्थलीय निरीक्षण, रेस्क्यू अभियान का लिया जायजा
दून विश्वविद्यालय में दीक्षारम्भ सत्र का शुभारंभ, CM धामी ने युवाओं से बड़े सपने देखने का किया आह्वान
’केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने पर मुख्यमंत्री को दी बधाई’
चमोली के तमक नाले में भयानक जलसैलाब, वैली ब्रिज बहा; BRO कर्मी लापता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तमकनाला आपदा के बाद संभाली कमान, राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों की समीक्षा
TRAI ने यूटिलिटी, कूरियर और लॉजिस्टिक्स कॉल्स के लिए शुरू की 1601 सीरीज़

जल आपूर्ति योजनाओं में स्थानीय महिलाओं की भागीदारी जरूरी : रतूड़ी

सचिव पेयजल को जल जीवन मिशन के समयसीमा विस्तार हेतु भारत सरकार पत्र भेजने के निर्देश

देहरादून। जल आपूर्ति योजनाओं के सोशल ऑडिट को प्रभावी बनाने तथा पेयजल योजनाओं में महिलाओं के फीडबैक को सर्वाधिक महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने सोशल ऑडिट में जल उपभोक्ताओं में विशेषकर स्थानीय महिलाओं को शामिल करने के सख्त निर्देश दिए हैं। पेयजल सम्बन्धित मामलों पर आम नागरिकों की संतुष्टि को शीर्ष प्राथमिकता देने की कड़ी हिदायत देते हुए मुख्य सचिव श्रीमती रतूड़ी ने इस क्षेत्र में बेस्ट प्रेक्टिसेज को अपनाने तथा शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सचिवालय में अर्द्ध शहरी क्षेत्रों में विश्व बैंक से सहायता प्राप्त उत्तराखण्ड जल आपूर्ति कार्यक्रम की 11वीं उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने पेयजल विभाग एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारियों को जल जीवन मिशन के समयसीमा विस्तार हेतु भारत सरकार को तत्काल पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।
आमजन को अबाध जलापूर्ति के साथ ही पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने बेस्ट प्रैक्टिसेज के तहत यूजर फे्रण्डली डैशबोर्ड पर स्टेट आॅफ आर्ट एमआईएस में सभी मुख्य परफोर्मेन्स इण्डिकेटर्स को दर्ज करने की हिदायत दी है। मुख्य सचिव ने सर्विस डिलीवरी में गैप आने पर सम्बन्धित इंजीनियरों को एसएमएस के माध्यम से ऑटो एलर्ट भेजकर शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने तथा 48 घण्टे के भीतर शिकायतों के निवारण के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने उपभोक्ताओं के संतुष्टिकरण के प्रतिशत को बढ़ाने के लिए निरन्तर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
आज की बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड जल आपूर्ति कार्यक्रम हेतु प्रोजेक्ट मेनेजमेंट कन्सलटेन्सी फर्म की समयसीमा विस्तार तथा इस कार्यक्रम के इन्वायरमेंट आॅडिट पर प्रशासनिक एवं वित्तीय का अनुमोदन दिया। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखण्ड जल आपूर्ति कार्यक्रम के लिए कार्यान्वयन पूर्णता और परिणाम रिपोर्ट (आईसीआर) हेतु कन्सलटेन्सी सेवाओं की नियुक्ति हेतु प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी। सीएस ने उत्तराखण्ड पेयजल निगम की मोहोलिया तथा उमरूखुर्द जलापूर्ति योजनाओं के समयसीमा विस्तार पर भी अनुमोदन दिया।
बैठक में जानकारी दी गई कि 975 करोड़ रूपये लागत की विश्व बैंक से सहायता प्राप्त उत्तराखण्ड जल आपूर्ति कार्यक्रम में देहरादूनए टिहरीए हरिद्वारए नैनीताल एवं उधमसिंह नगर के 22 अर्द्ध शहरी क्षेत्रों में 100 प्रतिशत वाॅल्यूमीटरिंग के साथ 16 घण्टे अबाध प्रतिदिन जलापूर्ति की जा रही है। इसके तहत 106202 वाटर कनेक्शन के साथ बड़ी आबादी लाभान्वित हो रही है। उत्तराखण्ड जल आपूर्ति कार्यक्रम के तहत संचालित कुल 22 अर्द्ध शहरी योजनाओं में सभी योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। योजना पर विश्व बैंक द्वारा भी संतुष्टि व्यक्त की गई है। इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकरए शैलेश बगौली सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top