लखनऊ। राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास का निधन हो गया है। उन्होंने 85 साल की उम्र में लखनऊ पीजीआई में अंतिम सांस ली। ब्रेन हैमरेज होने के बाद से वह बीते 3 फरवरी से लखनऊ स्थित पीजीआई में ऐडमिट थे। आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। आचार्य सत्येंद्र दास के निधन पर अयोध्या के मठ मंदिरों में शोक की लहर है।
87 साल के सत्येंद्र दास बीते 34 साल से रामलला की सेवा कर रहे थे। वह अस्थायी टेंट से लेकर भव्य मंदिर में विराजमान होने तक रामलला के सेवक के तौर पर कार्य करते रहे। साल 1992 में बाबरी मस्जिद विवाद के समय तत्कालीन रिसीवर की तरफ से आचार्य सत्येंद्र दास को मुख्य पुजारी के तौर पर नियुक्त किया गया था। आचार्य सत्येंद्र दास ने 1975 में संस्कृत में आचार्य की डिग्री ली थी, जिसके बाद साल 1992 में वो टीचर की नौकरी छोड़कर राम मंदिर के पुजारी पद पर आसीन हुए थे। कुछ दिनों पहले ब्रेन स्ट्रोक के कारण तबीयत बिगड़ने के बाद लखनऊ के एसजी पीजीआई के न्यूरोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया था। वह हाई ब्लड प्रेशर और डायबीटिज से भी ग्रस्त थे।
