Breaking News
वैदिक मंत्रों के बीच खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, भक्तों में उमड़ा आस्था का सैलाब
श्रद्धा, आस्था और दिव्यता का संगम: ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट विधि-विधान के साथ खुले
बद्री विशाल के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू, जोशीमठ में धूमधाम से संपन्न हुआ त्रिमुडिया मेला
“दून वाणी” और “दून आजतक” का स्थापना दिवस समारोह भव्यता के साथ सम्पन्न
श्रद्धालुओं के लिए गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के द्वार खुले
अक्षय तृतीया पर मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं, समृद्धि की कामना
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश से चारधाम यात्रा के लिए बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर पहुँचकर जन शिकायत की जांच की, वीडियो कॉल पर अधिकारियों को दिखाया हालात
उत्तराखंड के प्रति पीएम मोदी का प्रेम एक बार फिर दिखा अपने खास अंदाज़ में

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि की जाएगी।

    • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय वृद्धि पर तेज़ी से बढ़ रहा है सरकार का काम

    • उत्तराखंड के 40 हजार आंगनबाड़ी कर्मियों को मिल सकती है बड़ी राहत

    • मानदेय बढ़ोतरी संबंधी प्रस्ताव अंतिम रूप में तैयार

    • सेवानिवृत्ति पर एक लाख रुपये देने के निर्णय पर सहमति बनी

    • मानदेय वृद्धि और पदोन्नति को लेकर सरकार ने गंभीरता दिखाई

    देहरादून | प्रदेश की लगभग 40 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए लंबे समय से अपेक्षित राहत का रास्ता अब खुलता दिखाई दे रहा है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से तैयार किया गया प्रस्ताव सरकार के पास भेजा गया है, जिसके अनुसार कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में 1600 रुपये तक की बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो सकता है। ये बढ़ोतरी ऐसे समय में प्रस्तावित है, जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 14 नवंबर से अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं और सरकार से लिखित आश्वासन की प्रतीक्षा में हैं।

    प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं लंबे समय से बेहद कम मानदेय पर काम कर रही हैं। वर्तमान मानदेय 9300 रुपये बताया जाता है, जिसे बढ़ाकर 24,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग जोरों पर है। उनका कहना है कि वर्षों से वे न केवल विभागीय योजनाओं को बल्कि अन्य सरकारी योजनाओं को भी जमीनी स्तर पर लागू करने का दायित्व निभाती रही हैं, बावजूद इसके उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा अब तक नहीं दिया गया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उनकी सेवानिवृत्ति, सामाजिक सुरक्षा और पदोन्नति से संबंधित तमाम मुद्दों पर वर्षों से उचित कार्रवाई लंबित है, जिससे असंतोष बढ़ा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top