“सृष्टि के आरंभ में तथा मनुष्य के आगमन के समय अनंत परमात्मा ने अपनी प्रज्ञाशील सृजनात्मक ब्रह्माडीय ऊर्जा को मात्र विकर्षण …से ही नहीं अपितु उस शक्ति से भी परिपूर्ण किया जिसके द्वारा संसार में इधर-उधर भटकती आत्माएँ वापिस आकर ब्रह्म अर्थात ईश्वर से एक हो सकें।” योग के अवतार कहे जाने वाले उच्चकोटि के […]
