Breaking News
राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का होगा संपूर्ण कायाकल्प, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में होंगे विकसित
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को मुख्यमंत्री धामी ने दी श्रद्धांजलि, पुलिस के लिए कीं 8 घोषणाएं
उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा को मिलेगी नई मजबूती, सीएम धामी ने 20.55 करोड़ की पांच योजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास
डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल, लोकभवन में ली शपथ
उत्तराखण्ड में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग से बढ़ रही राज्य की पहचान, मसूरी से नैनीताल तक फिल्म निर्माताओं की पसंद बना देवभूमि का प्राकृतिक परिवेश
दशहरा 2026: देहरादून में 181 फीट का रावण, 21 लाख रुपये की लागत से तैयार; रिमोट से होगा दहन
देवप्रयाग में खाई में गिरी हरियाणा नंबर की कार, दो की मौत, तीन घायल
अंकिता भंडारी हत्याकांड: 24 घंटे में तीनों आरोपी गिरफ्तार, 88 दिन में जांच पूरी
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री धामी

पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी

  • दो चरणों में होंगे मतदान, 19 जुलाई को मतगणना
  • 23 जून से शुरू होगी चुनावी प्रक्रिया

देहरादून। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने पंचायत चुनावों को लेकर विस्तृत कार्यक्रमों की घोषणा कर दी है। राज्यभर में पंचायत चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे, जिसमें ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए मतदान होगा। कुल मिलाकर इस बार 74,499 ग्राम प्रधान, 55,587 ग्राम पंचायत सदस्य, 2,974 क्षेत्र पंचायत सदस्य, और 358 जिला पंचायत सदस्य चुने जाएंगे।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, 23 जून को जिला निर्वाचन अधिकारी विस्तृत अधिसूचना जारी करेंगे। इसके बाद 25 जून से 28 जून तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया 29 जून से 1 जुलाई तक पूरी की जाएगी, जबकि 2 जुलाई को नाम वापसी की अंतिम तिथि होगी।
पंचायत चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। पहले चरण के लिए चिन्ह (सिंबल) आवंटन 3 जुलाई को किया जाएगा और 10 जुलाई को मतदान कराया जाएगा। वहीं, दूसरे चरण के लिए सिंबल 8 जुलाई को आवंटित होंगे और 15 जुलाई को मतदान कराया जाएगा। दोनों चरणों की मतगणना 19 जुलाई को होगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि पंचायत चुनाव की तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं। जिला प्रशासन को निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए सख्त दिशा—निर्देश दिए गए हैं साथ ही आदर्श आचार संहिता भी लागू कर दी गई है, ताकि चुनाव प्रक्रिया प्रभावित न हो। निर्वाचन आयोग की ओर से पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निगरानी तंत्र को भी सक्रिय किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top