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भूस्खलन से टूटा पुल

हेमकुंड साहिब व फूलों की घाटी  का रास्ता बंद, अलकनंदा के उस पार कई वाहन फंसे

चमोली/पांडुकेश्वर। बारिश और बर्फबारी से होने वाली तबाही अभी थमने का नाम नहीं ले रही है। हिम स्खलन की घटनाएं और भूस्खलन के खतरे पहाड़ के जनजीवन पर भारी पड़ रहे हैं। चमोली से आज फिर एक और भूस्खलन की खबर मिल रही है यहां गोविंद घाट स्थित अलकनंदा नदी पर बना पुल पहाड़ी से गिरे बोल्डर और मलबे के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे इस मार्ग पर आवाजाही पूर्णतया बंद हो गई है। फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब जाने का रास्ता पूर्णतया अवरुद्ध हो गया तथा कुछ अन्य क्षेत्रों का संपर्क भी टूट गया है। दूसरी ओर से आने वाले कई वाहन भी अलकनंदा नदी के उसे पार फंस गए हैं।
राज्य में हाल में हुई बारिश और बर्फबारी के कारण हुए भूस्खलन के कारण इस पुल के क्षतिग्रस्त होने से घांघरिया, भ्यूंडार, खागड़िया व पुलना गांव तक पैदल आवाजाही भी ठप हो गई है इसी मार्ग से काकभुसंड जैसे पवित्र स्थल और ट्रैकिंग स्थल भी जुड़ते हैं। हेमकुंड साहिब के लिए जाने के लिए भी यही एकमात्र रास्ता है। उल्लेखनीय है 25 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने हैं ऐसी स्थिति में इससे पूर्व इस पुल की मरम्मत का काम कराया जाना जरूरी होगा।
भूस्खलन की सूचना मिलने पर चमोली का जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गया है। जिसमें लोक निर्माण विभाग तथा परिवहन व पुलिस की टीमों के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी शामिल है। गनीमत यह रही कि इस हादसे के समय कोई पुल से नहीं गुजर रहा था अन्यथा बड़ा जान माल का नुकसान हो सकता था। इस पुल का निर्माण 2015 में किया गया था। पुल को कितना नुकसान हुआ है अभी इसका आकलन नहीं हो सका है। गोविंद घाट गुरुद्वारे के पास बने इस लोहे के पुल के टूटने से स्थानीय लोगों की भी समस्याएं बढ़ गई है तथा नदी के पार फंसे वाहनों को भी पुल ठीक न होने से पहले निकाल पाना संभव नहीं होगा।
चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने कहा कि आज सुबह गोविधघाट क्षेत्र में भूस्खलन हुआ। इससे पीडब्ल्यूडी का पुल क्षतिग्रस्त हुआ है जिससे मार्ग कट गया है। वहंा पुलना सहित कई गांव है प्रशासन की टीम इंजीनियरों व डाक्टरों के साथ मौके पर पहुंच गयी है।

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