Breaking News
वित्त वर्ष 2024–25 में राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार ₹3,81,889 करोड़ रहा।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई व्यय-वित्त समिति की बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं को स्वीकृति।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नयार वैली फेस्टिवल का किया भव्य उद्घाटन
बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार के लिए सरकार संकल्पबद्ध : मुख्यमंत्री
पलायन रोकथाम व सीमांत क्षेत्रों में रोजगार योजनाओं को तेज़ी से लागू करने के निर्देश
₹677.75 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना मंजूर, आजीविका सशक्तिकरण को मिली प्राथमिकता
रोपवे परियोजनाओं को रफ्तार — प्रथम बोर्ड बैठक में अहम फैसले
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश — सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा हेतु बनेगी नई एसओपी
हरिद्वार महाकुंभ की तैयारियाँ तेज — केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय संग उत्तराखंड सरकार की रणनीतिक चर्चा

बादल फटा, केदार घाटी में भारी तबाही

  • रूमसी गांव में घर व वाहन मलबे में दबे

रुद्रप्रयाग। राज्य में मानसूनी आपदा का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है बीती रात रुद्रप्रयाग के रूमसी गांव में बादल फटने से भारी तबाही की खबर है। पहाड़ से तेज पानी के साथ आए बोल्डरों और मलबे ने घरों और वाहनों का भारी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि किसी तरह की जान हानि की कोई खबर नहीं है। इसके अलावा केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड के पास पहाड़ों से भारी मलवा और बोल्डरों के आने से मार्ग बाधित हो गया है तथा आवागमन ठप हो गया है। फिलहाल यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है।
बीती रात रूमसी गांव में बादल फटने की घटना के बाद एसडीआरएफ और पुलिस प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गई है। तथा बचाव व राहत का कार्य किया जा रहा है। पहाड़ से भारी मात्रा में आए मलबे के कारण कई घरों को नुकसान पहुंचा है तथा कुछ वाहन भी मलबे में दब गए हैं। घटना के बाद से क्षेत्र वासियों में दहशत का भी माहौल है इस घटना में अभी तक किसी तरह के जान के नुकसान की खबर नहीं है लेकिन सड़क व कच्चे मार्गों के साथ घरों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। कई कई फीट मलवा व पत्थर घरों में घुस गए हैं। उधर गौरीकुंड के पास पैदल मार्ग पर पहाड़ी से मलवा आने से केदारनाथ आने जाने का मार्ग अवरूद्व हो गया है। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है तथा मार्ग से मलवा हटाने का काम जारी है। वही विष्णु प्रयाग से भूस्खलन की खबर है पहाड़ से मलवा आने के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है जिससे मंदिर व आबादी क्षेत्र को खतरा पैदा हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top